नोएडा में श्रमिक असंतोष का उग्र स्वरूप: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कड़ी चेतावनी और समाधान की ओर बढ़ते कदम
The Violent Face of Labor Unrest in Noida
नोएडा: The Violent Face of Labor Unrest in Noida, नोएडा में कई प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी आज उग्र हो गए. वेतन,छुट्टी और ओवरटाइम जैसे मुद्दों पर शांति से हो रहा प्रदर्शन देखते-देखते ही आगजनी,तोड़फोड़ और पत्थरबाजी में बदल गया. बीती रात यूपी सरकार ने कई मांगें मानकर गुस्साए मजदूरों को शांत कराया था पर आज दिन में नोएडा की सड़कों पर बवाल मच गया. मामला बिगड़ता देख सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ऐक्शन में आ गए. उन्होंने इस मसले पर आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं. सीएम योगी ने प्रदर्शनकारी मजदूरों को आश्वासन दिया है कि हर श्रमिक को सम्मानजनक मानदेय,सुरक्षित कार्य वातावरण और मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए.
सीएम योगी ने आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों के लिए अधिकारियों को ये निर्देश दिए
➔हर श्रमिक को सम्मानजनक मानदेय मिले, सुरक्षित कार्य वातावरण और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों
➔औद्योगिक इकाइयां श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन करें, श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो
➔सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अगले 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करें
➔श्रम विभाग स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों से सतत संवाद स्थापित करे
➔श्रमिकों के नाम पर माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करें, औद्योगिक क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं
➔देश में मृतप्राय नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने की साजिश से रहें सावधान, भड़काऊ गतिविधियों पर कड़ी नजर
रखें
ताजा हालात क्या हैं?
नोएडा में प्रदर्शन कर रहे मजदूर अब धीरे-धीरे शांत हो रहे हैं. नोएडा में जारी विवाद के बीच में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के अधिकारियों के संग बैठक की और घटनाक्रम के विषय में जानकारी ली. इसके अलावा पुलिस के कई वाहनों को गुस्साए मजदूरों ने निशाना बनाया था. डीएम मेधा रूपम ने इसके अलावा मजदूरों की समस्या को देखते हुए हेल्पलाइन नंबरों को जारी करने के साथ कंट्रोल रूम भी बनाया है.